त्रिलोकतीर्थ में संतों के संदेश से गूंजा धर्म और अध्यात्म का स्वर

बड़ागांव स्थित त्रिलोकतीर्थ धाम रविवार को धर्म और अध्यात्म के रंग में रंगा नजर आया। क्षुल्लक योगभूषण महाराज के मंगलमय अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में सम्मति धर्मयोग महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। सर्वधर्म समभाव सम्मेलन में संतों और धर्माचार्यों के सानिध्य में धर्मज्ञान की बयार बही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया।

त्रिलोकतीर्थ में संतों के संदेश से गूंजा धर्म और अध्यात्म का स्वर

त्रिलोकतीर्थ में संतों के संदेश से गूंजा धर्म और अध्यात्म का स्वर
- क्षुल्लक योगभूषण महाराज के अवतरण दिवस पर आयोजित हुआ सम्मति धर्मयोग महोत्सव
- संतों ने सेवा, साधना और समर्पण को जीवन का आधार बनाने का दिया संदेश
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
बड़ागांव स्थित त्रिलोकतीर्थ धाम रविवार को धर्म और अध्यात्म के रंग में रंगा नजर आया। क्षुल्लक योगभूषण महाराज के मंगलमय अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में सम्मति धर्मयोग महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। सर्वधर्म समभाव सम्मेलन में संतों और धर्माचार्यों के सानिध्य में धर्मज्ञान की बयार बही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया।
महोत्सव में आचार्य त्रिलोकभूषण महाराज, आचार्य लोकेश मुनि, आचार्य विवेक मुनि, जगद्गुरु सतीश आचार्य, महामंडलेश्वर भैयादास महाराज सहित साध्वी आर्यिका माता का पावन सानिध्य रहा। संतों ने प्रवचनों के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण, साधना, सेवा और मानव कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा और समाज के प्रति समर्पण भी धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम के दौरान धर्म एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर लोगों ने आयोजकों का आभार जताया। वहीं स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं की मनोहारी झलक पेश की। बच्चों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आयोजकों ने बताया कि सम्मति धर्मयोग महोत्सव का उद्देश्य धर्म, सेवा और समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। महोत्सव में महेंद्र जैन, त्रिलोक चंद जैन, अभिषेक जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।