36 साल से तालाब की खुदाई नहीं, घरों में घुस रहा गंदा पानी
मुबारिकपुर गांव में तालाब की बदहाली और जर्जर रास्ते ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से तालाब की सफाई और खुदाई नहीं होने के कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर उनके घरों में घुस रहा है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं, तालाब के पानी के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है।
36 साल से तालाब की खुदाई नहीं, घरों में घुस रहा गंदा पानी
- मुबारिकपुर में जलभराव और जर्जर रास्ते से ग्रामीण परेशान, पानी में लटक रही हाईटेंशन लाइन से हादसे का खतरा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
विकास खंड के मुबारिकपुर गांव में तालाब की बदहाली और जर्जर रास्ते ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से तालाब की सफाई और खुदाई नहीं होने के कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर उनके घरों में घुस रहा है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं, तालाब के पानी के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में बीज गोदाम के पास स्थित तालाब की आखिरी बार वर्ष 1986 में खुदाई हुई थी। इसके बाद से तालाब की सफाई और खुदाई नहीं कराई गई। वर्तमान में तालाब मिट्टी, दलदल, कूड़े और घास-फूस से पट चुका है। जलनिकासी नहीं होने से तालाब का गंदा पानी रास्ते पर भर जाता है और फिर लोगों के घरों में घुसने लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब में जमा गंदगी के कारण जहरीले जीव-जंतु निकलकर घरों में पहुंच रहे हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों सहित ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या तालाब के ऊपर लटक रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन है। जलभराव के बीच बिजली की लाइन से हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों और बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से भरे जर्जर रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी से तालाब की खुदाई और सफाई कराने के साथ रास्ते को ऊंचा उठाकर पक्का बनवाने की मांग की है, ताकि जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। बीडीओ ने ग्रामीणों को समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। प्रार्थना पत्र देने वालों में रोशन, आशिक, अमित, गुलफाम, रमेश, अब्बास, बबली, फिरोज, तसलीम, मुश्तियाज, सबलू, जान मोहम्मद, तासीम और कपिल त्यागी सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।