डासना जेल में बंद 2 बंदियों ने आपस में बदले नाम जमानत मिली बाबू को रिहा हो गया ताराचंद

गाजियाबाद की डासना जेल में हापुड़ जिले के 2 लोग बिजली चोरी के मामले में बंद हुए थे लेकिन दोनों ने ही अपना नाम बदलते हुए आपस में एक दूसरे के नाम लिखवा दिए उधर जमानत के कागज बाबू नाम के व्यक्ति के बम से और रिहा हो गया ताराचंद यह मामला उस वक्त उजागर हुआ जब अदालत ने दूसरे बंदी को तलब किया। जब उसने अपना असली नाम बताया तो सभी हैरान रह गए।

डासना जेल में बंद 2 बंदियों ने आपस में बदले नाम जमानत मिली बाबू को  रिहा हो गया  ताराचंद
तेजेश चौहान, तेजस
गाजियाबाद
दिल्ली से सटे गाजियाबाद की डासना जेल में एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा।यहां पर दो लोगों को बिजली चोरी के आरोप में बंद किया गया था। लेकिन दोनों ने ही आपस में अपने नाम बदल लिए और जिस शख्स की जमानत हुई वह जेल ही में बंद रहा। जबकि उसका दूसरा साथी रिहा हो गया।यह मामला उस वक्त उजागर हुआ। जब अदालत ने जेल में बंद दूसरे बंदी को तलब किया और उसने अपना असली नाम बता दिया जैसे ही बंदी ने अपना असली नाम बताया तो हर कोई हैरान रह गया। पूरा मामला उजागर होने के बाद अदालत ने दोबारा से उसे कस्टडी में लेने के बाद सलाखों के पीछे भेजा उधर जेलर की तरफ से दोनों के खिलाफ एक मुकदमा लिखाया गया है।

इस पूरे मामले में जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि 17 दिसंबर 2022 को थाना सिंभावली जिला हापुड़ के रहने वाले बाबू एवं ताराचंद नाम के दो लोगो जेल में दाखिल कराया गया था।उस वक्त दोनों बंदियों के अभिरक्षा वारंट पर ना तो कोई फोटो लगा था और ना ही आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र प्रस्तुत किया गया। जेल में दाखिले के बाद जेल में स्थापित ई प्रिजन सिस्टम पर उक्त बन्दियों के द्वारा बताए गए नाम के आधार पर प्रविष्टियां एवं फोटो लगा दिए गए। उधर जेल में दोनों बंधुओं ने आपस में एक दूसरे के नाम भी बदल लिए।विचाराधीन बंदी बाबू पुत्र  क्षेम सिंह का रिहाई आदेश जेल पर मिलने के बाद फाइल में नाम व अन्य विवरण तथा फोटो का मिलान करने के बाद बंदी बाबू को 10 जनवरी 2023 को रिहा कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि 10 जनवरी 2023 को जेल में बंद बाबू के अधिवक्ता की तरफ से  बाबू का जमानती पत्र जेल में प्राप्त हुआ उसके आधार पर उसे रिहा किया गया। यानी जमानत बाबू को मिली थी और ताराचंद की रिहाई हो गई।लेकिन अदालत ने दूसरे बंदी ताराचंद को तलब किया तो उसने अपना असली नाम बताया तो इस मामले का खुलासा हुआ। जब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ तो अदालत ने तत्काल प्रभाव से रिहा होने वाले ताराचंद को भी गिरफ्तार करने के आदेश दिए और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया।उन्होंने बताया कि फिलहाल जेलर की तरफ से दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।