दसलक्षणिक पर्व के समापन पर मंदिरों में बही धर्म की बयार

जैन धर्म के दसलक्षणिक पर्व का शनिवार को धार्मिक उल्लास के बीच समापन हो गया। सुबह से शाम तक मंदिरों में महावीर वंदना और णमोकार मंत्र के जाप से वातावरण भक्तिमय रहा। इस दौरान मंदिरों में धर्म की बयार बहती रही।

दसलक्षणिक पर्व के समापन पर मंदिरों में बही धर्म की बयार

दसलक्षणिक पर्व के समापन पर मंदिरों में बही धर्म की बयार
- महावीर वंदना से गूंजते रहे जैन मंदिर, 10 सितम्बर को निकलेगी श्रीजी की भव्य रथयात्रा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
जैन धर्म के दसलक्षणिक पर्व का शनिवार को धार्मिक उल्लास के बीच समापन हो गया। सुबह से शाम तक मंदिरों में महावीर वंदना और णमोकार मंत्र के जाप से वातावरण भक्तिमय रहा। इस दौरान मंदिरों में धर्म की बयार बहती रही।
शनिवार का दिन जैन समाज के लिए विशेष रहा, क्योंकि एक साथ पांच पर्वों का उत्सव मनाया गया। दसलक्षणिक पर्व का दसवां और अंतिम दिन होने के साथ-साथ सोलह कारण पर्व, रत्नत्रय धर्म पर्व, भगवान वासुपूज्य मोक्ष कल्याणक पर्व और अनंत चतुर्दशी पर्व भी श्रद्धा और भक्ति से मनाए गए। मंदिरों में सुबह से शाम तक साधु-साध्वियों के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना और प्रवचन आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन महावीर वंदना और णमोकार मंत्र का जाप कर पुण्य अर्जित किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 10 सितम्बर को श्रीजी की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी। वहीं, जैन कॉलेज के प्रांगण में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।