योगी सरकार की गन्ना मूल्य नीति से बढ़ा किसानों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का प्रभाव अब गांव-गांव में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। गन्ना मूल्य में लगातार वृद्धि, समयबद्ध भुगतान, एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा और चीनी मिलों के विस्तार जैसे कदमों ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया उत्साह भर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को बागपत के हिसावदा गांव में आयोजित कृषि चौपाल किसानों की सक्रियता, भागीदारी और आत्मविश्वास का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी, जिसमें लगभग साढ़े तीन सौ किसानों ने हिस्सा लिया।
योगी सरकार की गन्ना मूल्य नीति से बढ़ा किसानों का आत्मविश्वास, कृषि चौपाल बनी ग्रामीण विकास की नई मिसाल
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का प्रभाव अब गांव-गांव में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। गन्ना मूल्य में लगातार वृद्धि, समयबद्ध भुगतान, एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा और चीनी मिलों के विस्तार जैसे कदमों ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया उत्साह भर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को बागपत के हिसावदा गांव में आयोजित कृषि चौपाल किसानों की सक्रियता, भागीदारी और आत्मविश्वास का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी, जिसमें लगभग साढ़े तीन सौ किसानों ने हिस्सा लिया।
किसानों की सरकार से सीधी संवाद व्यवस्था हुई मजबूत
हिसावदा की चौपाल में किसान खुलकर अपने अनुभव, समस्याएं और सुझाव साझा करते दिखे। उन्होंने भरोसा जताया कि अब उनकी बात सीधे सरकार तक पहुंच रही है। यह चौपाल पूर्णतः किसानों द्वारा संचालित रही, जिसने सरकार और किसानों के बीच भरोसे की नई कड़ी को मजबूत किया। इससे पहले सोमवार को मीतली गांव में हुई चौपाल ने भी किसानों के उत्साह का प्रमाण दिया था।
गन्ना मूल्य वृद्धि और समय पर भुगतान से बढ़ी खुशहाली
चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में साफ देखा जा रहा है।
– मिलों के बंद होने और भुगतान देरी से परेशान रहने वाले किसान अब समय पर भुगतान पाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
– 2017 से अब तक गन्ना मूल्य में चरणबद्ध वृद्धि की गई है।
– अगेती किस्म का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल तथा सामान्य किस्म का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल प्रस्तावित किया गया है, जिससे किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
ऐतिहासिक उछाल: एथेनॉल उत्पादन और औद्योगिक विस्तार
सरकार की नीतियों ने उत्तर प्रदेश को एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान किया है।
– वर्ष 2017 में राज्य में 61 एथेनॉल आसवनियां थीं, जिनकी संख्या 2025 में बढ़कर 97 हो गई है।
– चार नई आसवनियां प्रस्तावित हैं।
– एथेनॉल उत्पादन 41.28 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है।
इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
भुगतान में रिकॉर्ड सुधार
किसानों के हित में भुगतान व्यवस्था में भी बड़ा सुधार आया है।
– 2007 से 2017 के बीच गन्ना भुगतान 1,47,346 करोड़ रुपये था।
– 2017 से वर्तमान तक यह भुगतान 2,90,225 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इस प्रकार किसानों को 1,42,879 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिली है।
गन्ना क्षेत्रफल में वृद्धि
– वर्ष 2016-17 में गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर था।
– वर्तमान में यह बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो किसानों के बढ़ते भरोसे का स्पष्ट संकेत है।
किसानों की साझेदारी बना बदलाव का आधार
बागपत, हापुड़, शामली और मुजफ्फरनगर आदि जिलों में आयोजित हो रही कृषि चौपालें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार अब किसानों की भागीदारी को प्राथमिकता दे रही है। किसान सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं। योगी सरकार की पहल से गांव-गांव में फैल रही विकास की यह बयार किसानों की समृद्धि, पारदर्शिता और जवाबदेह शासन का मजबूत आधार तैयार कर रही है।
