आरबीएसके की पहल से नन्ही आशी के चेहरे पर लौटी मुस्कान, परिवार ने जताया आभार
सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए किस तरह उम्मीद की किरण बन रही हैं, इसका प्रेरणादायक उदाहरण खेकड़ा क्षेत्र में देखने को मिला। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की सक्रिय पहल से जन्म से कटे होंठ और तालू की समस्या से जूझ रही नन्ही बच्ची आशी के चेहरे पर अब मुस्कान लौट आई है। सफल उपचार के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताया है।
आरबीएसके की पहल से नन्ही आशी के चेहरे पर लौटी मुस्कान, परिवार ने जताया आभार
- कटे होंठ और तालू से जन्मी बच्ची का सफल ऑपरेशन, सरकारी स्वास्थ्य योजना बनी सहारा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए किस तरह उम्मीद की किरण बन रही हैं, इसका प्रेरणादायक उदाहरण खेकड़ा क्षेत्र में देखने को मिला। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की सक्रिय पहल से जन्म से कटे होंठ और तालू की समस्या से जूझ रही नन्ही बच्ची आशी के चेहरे पर अब मुस्कान लौट आई है। सफल उपचार के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताया है।
नगरपालिका खेकड़ा निवासी सीमा, जो सेना में लेह-लद्दाख कारगिल क्षेत्र में तैनात जवान शुभम तेवतिया की पत्नी हैं, ने 1 जनवरी 2026 को एक बेटी को जन्म दिया। जन्म के समय बच्ची के होंठ कटे होने के कारण परिवार काफी चिंतित हो गया। सूचना मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेकड़ा की आरबीएसके टीम तत्काल परिवार के घर पहुंची। टीम में शामिल डॉ. दीप्ति चौधरी, फिजियोथेरेपिस्ट पंकज जोशी और स्टाफ नर्स संदीप संधु ने नवजात की जांच की। जांच में पता चला कि बच्ची का होंठ ही नहीं बल्कि तालू भी कटा हुआ है। टीम ने परिजनों को बीमारी और उपचार की पूरी जानकारी देकर बच्ची को आनंद अस्पताल मेरठ रेफर किया। 9 जनवरी को मेरठ के आनंद अस्पताल में बच्ची का पंजीकरण ‘आशी’ नाम से किया गया। विशेषज्ञों की जांच के बाद 9 जून को ऑपरेशन की तिथि निर्धारित हुई। खेकड़ा ब्लॉक के आरबीएसके नोडल अधिकारी डॉ. दीपक धामा ने बताया कि तय तिथि पर बच्ची के कटे होंठ का सफल ऑपरेशन कर दिया गया है। अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसके चेहरे की मुस्कान वापस लौट आई है। दो माह बाद उसके तालू का भी ऑपरेशन किया जाएगा। परिवार ने इस मदद के लिए प्रदेश सरकार, डीएम अस्मिता लाल, सीएमओ डा. तीरथलाल, नोडल अधिकारी डा. मुकेश कुमार, डीईआईसी मैनेजर डा. अनुज गेरा, सीएचसी अधीक्षक डा. ताहिर के अलावा खेकड़ा की आरबीएसके टीम के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को नई जिंदगी देने का काम किया है।

