सीएमओ कार्यालय में गिरी फॉल्स सीलिंग
500 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल
तेजस न्यूज संवाददाता
नोएडा के सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल की आठवीं मंजिल पर बने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में फॉल्स सीलिंग का हिस्सा भरभराकर गिर गया। इस घटना के दौरान वहां मौजूदा कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद नहीं था। फॉल्स सीलिंग गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी वहां पहुंच गए। गौरतलब है कि फॉल्स सीलिंग जिस स्थान पर गिरने की घटना हुई है। वहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग जन्म और मृत्य प्रमाण पत्र बनाने के अलावा आयुष्मान कार्ड बनाने समेत कई कार्यों के लिए रोजाना लोग आते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, आठवीं मंजिल के अन्य हिस्सों में भी फॉल्स सीलिंग की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। कई स्थानों पर फॉल्स सीलिंग भी लटकती हुई नजर आ रही हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉल्स सीलिंग गिरने के माध्यम से किसी बड़े हादसे का डर रोजाना सता रहा है।
शौचालयों की स्थिति भी काफी ज्यादा खराब
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय और जिला अस्पताल में बने शौचालयों समेत कई स्थानों की स्थिति भी कुछ खास नहीं है। शौचालयों के पास बनी ओपीडी में जिला अस्पताल के चिकित्सकों को अक्सर बदबू आती है। वहीं, ऐसा ही कुछ नजारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय का भी नजर आता है। जिला अस्पताल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में स्वच्छता व्यवस्था भी बेहद खराब नजर आती है।
फॉल्स सीलिंग ठीक कराने के आदेश किए जारीःसीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि कार्यालय में अचानक फॉल्स सीलिंग गिर गई थी। इसे टीक कराने के आदेश संबंधित अधिकारियों को जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
पहले भी सामने आ चुकी हैं सीलिंग गिरने की घटनाएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जिला अस्पताल में फॉल्स सीलिंग गिरने की यह पहली घटना नहीं बताई जा रही है। इससे पहले भी जिला अस्पताल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के विभिन्न हिस्सों में सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार इस प्रकार की घटनाओं के सामने आने के बाद भी अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता है। स्थायी समाधान नहीं निकाले जाने के चलते किसी बड़े हादसे का खतरा मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को भी लगातार डर सता रहा है।
बारिश के मौसम में अक्सर अस्पताल में आती है इस प्रकार की घटना
बारिश के मौसम में जिला अस्पताल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कई हिस्सों में नमी और फॉल्स सीलिंग से जुड़ी कई समस्याएं सामने आती हैं। इस प्रकार की घटनाएं सामने आने के बाद भी जिला अस्पताला और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की नियमित जांच और मरम्मत व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
500 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है जिला अस्पताल
नोएडा का सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इतनी बड़ी लागत से तैयार हुए अस्पताल में बार-बार फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आने के बाद अब इसके निर्माण की गुणवत्ता और भवन के रखरखाव को लेकर सवाल लगातार खड़े कर रहा है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार आते हैं। ऐसे में यदि फॉल्स सीलिंग का एक भारी हिस्सा किसी व्यक्ति के ऊपर गिरता तो एक गंभीर हादसा हो सकता है।