नौ दिन से हड़ताल पर सीएचओ, गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पिछले नौ दिन से कार्य बहिष्कार कर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते बागपत जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर कामकाज प्रभावित होने से ग्रामीणों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं, गांवों में अप्रशिक्षित निजी चिकित्सकों की चांदी होने लगी है।

नौ दिन से हड़ताल पर सीएचओ, गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

नौ दिन से हड़ताल पर सीएचओ, गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पिछले नौ दिन से कार्य बहिष्कार कर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर कामकाज प्रभावित होने से ग्रामीणों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं, गांवों में अप्रशिक्षित निजी चिकित्सकों की चांदी होने लगी है।
शासन की ओर से ग्रामीणों को प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकांश बड़े गांवों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए गए हैं। इन केंद्रों पर ग्रामीणों की जांच, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के लिए सीएचओ की तैनाती की गई है। लेकिन बागपत जिले के सभी सीएचओ पिछले नौ दिन से अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में धरना दे रहे हैं। सीएचओ के कार्य बहिष्कार के चलते गांवों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य बीमारी होने पर भी उन्हें उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। इसका फायदा गांवों में बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के उपचार करने वाले निजी चिकित्सक उठा रहे हैं। ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में वैकल्पिक स्वास्थ्य व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि सीएचओ की हड़ताल के दौरान ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए परेशान न होना पड़े।