पुरा महादेव मेले के चलते बदली राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तिथि, अब 14 अगस्त को बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल
पुरा महादेव श्रावणी कांवड़ मेले को देखते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तिथि में बदलाव किया गया है। अब जनपद में यह अभियान 10 अगस्त के बजाय 14 अगस्त को आयोजित होगा, जबकि अभियान से छूटे बच्चों को 18 अगस्त को मॉप-अप दिवस के तहत एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इस संबंध में शुक्रवार को खेकड़ा बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
पुरा महादेव मेले के चलते बदली राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तिथि, अब 14 अगस्त को बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल
- 18 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस, छूटे हुए बच्चों को दी जाएगी दवा
- खेकड़ा बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों को दिया गया प्रशिक्षण, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग मिलकर चलाएंगे अभियान
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
पुरा महादेव श्रावणी कांवड़ मेले को देखते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तिथि में बदलाव किया गया है। अब जनपद में यह अभियान 10 अगस्त के बजाय 14 अगस्त को आयोजित होगा, जबकि अभियान से छूटे बच्चों को 18 अगस्त को मॉप-अप दिवस के तहत एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इस संबंध में शुक्रवार को खेकड़ा बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को वर्ष में दो बार एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती है, जिससे कृमि संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं शारीरिक-मानसिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके। पुरा महादेव में आयोजित होने वाले विशाल श्रावणी कांवड़ मेले के कारण कार्यक्रम की तिथि परिवर्तित की गई है। आरबीएसके के ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. दीपक धामा ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए खेकड़ा बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण देकर दवा वितरण, बच्चों की आयु के अनुसार खुराक और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अभियान की निगरानी आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश, डीसीपीएम नौशाद तथा डीईआईसी मैनेजर डॉ. अनुज गेरा करेंगे। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बच्चों को खिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और बाल विकास एवं पुषाहार विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।