मशरूम उत्पादन से ग्रामीण युवाओं को रोजगार की राह दिखाएगा प्रशिक्षण शिविर

कृषि विज्ञान केंद्र बागपत में ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन तकनीक विषय पर पांच दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। प्रशिक्षण में युवकों और युवतियों को मशरूम की खेती की आधुनिक तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया और इससे होने वाली आमदनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

मशरूम उत्पादन से ग्रामीण युवाओं को रोजगार की राह दिखाएगा प्रशिक्षण शिविर

मशरूम उत्पादन से ग्रामीण युवाओं को रोजगार की राह दिखाएगा प्रशिक्षण शिविर
- कृषि विज्ञान केंद्र में पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, कम लागत में बेहतर आमदनी के बताए गुर
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कृषि विज्ञान केंद्र बागपत में ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन तकनीक विषय पर पांच दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। प्रशिक्षण में युवकों और युवतियों को मशरूम की खेती की आधुनिक तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया और इससे होने वाली आमदनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
केंद्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. शिवम सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि मशरूम प्रोटीन और विटामिन डी का अच्छा स्रोत है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि बटन मशरूम, ढींगरी मशरूम, मिल्की मशरूम, ऋषि मशरूम और कीड़ाजड़ी जैसे खाद्य एवं औषधीय मशरूम का उत्पादन कर किसान और ग्रामीण युवा अतिरिक्त आमदनी का साधन विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बागपत जिले में मशरूम उत्पादन अभी सीमित स्तर पर हो रहा है। इसका प्रमुख कारण ग्रामीणों में इसकी खेती की तकनीक और संभावनाओं की जानकारी का अभाव है। कम स्थान और नियंत्रित वातावरण में भी मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे छोटे किसान और युवा इसे स्वरोजगार के रूप में अपना सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रशिक्षण शिविर में विशाल कुमार, प्रवीण कुमार, ईशा, केशव, तुषार सिंह और विशाल सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।