विवादों में घिरा महामना मालवीय डिग्री कॉलेज का घोषित चुनाव

महामना मालवीय डिग्री कॉलेज खेकड़ा की प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। साधारण सभा की सदस्यता सूची का विवाद निस्तारित हुए बिना घोषित चुनाव कार्यक्रम पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, मेरठ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सदस्यता की वैधता तय किए बिना अथवा अमान्य सूची के आधार पर कराया गया चुनाव विधिसम्मत नहीं माना जाएगा।

विवादों में घिरा महामना मालवीय डिग्री कॉलेज का घोषित चुनाव

विवादों में घिरा महामना मालवीय डिग्री कॉलेज का घोषित चुनाव
- डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश से बढ़ी हलचल, वैध सदस्यता सूची तय होने के बाद ही चुनाव कराने के निर्देश
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
महामना मालवीय डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। साधारण सभा की सदस्यता सूची का विवाद निस्तारित हुए बिना घोषित चुनाव कार्यक्रम पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, मेरठ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सदस्यता की वैधता तय किए बिना अथवा अमान्य सूची के आधार पर कराया गया चुनाव विधिसम्मत नहीं माना जाएगा।
कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव नरेंद्र कुमार शर्मा ने 11 सितंबर को डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि अध्यक्ष की ओर से चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर कॉलेज परिसर से बाहर चुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया गया है। शिकायत में कहा गया था कि साधारण सभा की सदस्य सूची से संबंधित मामला अभी डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में विचाराधीन है। ऐसे में सदस्यता विवाद के निस्तारण से पहले चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाना नियमों के विपरीत है। मामले में जारी कार्यालयी पत्र में कहा गया है कि साधारण सभा की सूची और सदस्यता से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित पक्षों से आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख मांगे गए थे। पर्याप्त अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण सदस्यता संबंधी विवाद का निस्तारण नहीं हो सका। कार्यालय ने सदस्यता का निर्धारण किए जाने के बाद ही निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराने को न्यायोचित बताया है।
270 सदस्यों की सूची पर घोषित है चुनाव
इससे पहले चुनाव अधिकारी की ओर से 270 सदस्यों की सूची के आधार पर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया था। कार्यक्रम के अनुसार चार अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना प्रस्तावित है। अब डिप्टी रजिस्ट्रार के निर्देश सामने आने के बाद घोषित चुनाव कार्यक्रम की वैधता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या सदस्यता विवाद के निस्तारण तक इसे रोका जाएगा, इस पर दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हैं।