एनएचएम कर्मचारियों का बागपत में आक्रोश: वेतन विसंगति और 'समान कार्य-समान वेतन' की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना जारी
वेतन विसंगतियों को दूर करने और "समान कार्य के लिए समान वेतन" की जायज मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को भी पूरे जोश और मुखरता के साथ जारी रहा। बागपत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर चल रहे इस तीन दिवसीय धरने में जिलेभर के चिकित्सक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पैरामेडिकल स्टाफ और कार्यालय के कर्मचारी भारी संख्या में शामिल हुए।
एनएचएम कर्मचारियों का बागपत में आक्रोश: वेतन विसंगति और 'समान कार्य-समान वेतन' की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना जारी
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
वेतन विसंगतियों को दूर करने और "समान कार्य के लिए समान वेतन" की जायज मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को भी पूरे जोश और मुखरता के साथ जारी रहा। बागपत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर चल रहे इस तीन दिवसीय धरने में जिलेभर के चिकित्सक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पैरामेडिकल स्टाफ और कार्यालय के कर्मचारी भारी संख्या में शामिल हुए।
प्रमुख बिंदु और मुख्य मांगें
समान कार्य, समान वेतन: कर्मचारियों का मुख्य तर्क है कि वे नियमित कर्मचारियों के बराबर या उससे अधिक कठिन जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय व वेतन दिया जा रहा है।
कोरोना काल का योगदान: वक्ताओं ने याद दिलाया कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में जब हर कोई अपनी जान बचाने में जुटा था, तब एनएचएम कर्मियों ने अपनी और अपने परिवारों की परवाह किए बिना अदम्य साहस के साथ फ्रंटलाइन पर स्वास्थ्य सेवाएं दी थीं।
असंतोष और आर-पार की लड़ाई: लंबे समय से चली आ रही अनदेखी के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं होता, तब तक उनका यह संघर्ष और विरोध-प्रदर्शन थमने वाला नहीं है।
अगला कदम: लखनऊ कूच
सीएमओ कार्यालय पर शनिवार का प्रदर्शन समाप्त करने के बाद बागपत के एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन और सरकार तक अपनी आवाज को मजबूती से पहुंचाने के लिए लखनऊ में होने वाले विशाल राज्य-स्तरीय धरने में शामिल होने के वास्ते रवाना हो चुके हैं। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इन स्वास्थ्य कर्मियों की सुध कब लेता है।