श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप का हुआ वर्णन

इस कथा का श्रवण व्यास आचार्य मनीष कौशिक महाराज द्वारा किया जा रहा है।

श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप का हुआ वर्णन

तेजस न्यूज संवाददाता

नोएडा के सेक्टर 56 के बारात घर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप, राधा-कृष्ण प्रेम और गोपी भाव की महिला का रसपूर्ण वर्णन किया। इस कथा का श्रवण व्यास आचार्य मनीष कौशिक महाराज द्वारा किया जा रहा है।

आचार्य मनीष कौशिक महाराज ने बताया कि इस संसार के सर्वोच्च कृष्ण-रस का नाम ही आनंद है। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं रसस्वरूप हैं और श्रीराधा रानी उनकी पराशक्ति हैं। राधा-कृष्ण का दिव्य मिलन जीव और परमात्मा के परम प्रेम का प्रतीक है। जीव पर भगवान की सर्वोत्तम कृपा होती है। उसे इस दिव्य प्रेम और आनंद की प्राप्ति होती है। जिन जीवों के लिए वेदों के गूढ़ रहस्यों को समझना कठिन था। उन पर कृपा करते हुए भगवान ने श्रीमद् भागवत महापुराण प्रदान किया। भागवत कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है। प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन के कल्याण के लिए भागवत का आश्रय लेना चाहिए और श्रद्धापूर्वक उनका श्रवण करना चाहिए।