श्रवण कुमार के वध और दशरथ के श्राप के मार्मिक मंचन से भावुक हुए दर्शक

खेकड़ा कस्बे के गांधी प्याऊ पर चल रही रामलीला में रविवार को श्रवण कुमार वध के मर्मस्पर्शी प्रसंग का मंचन किया गया। माता-पिता के प्रति अगाध भक्ति और राजा दशरथ के हाथों हुई अनजाने भूल की इस कथा ने पंडाल में बैठे हर दर्शक की आंखें नम कर दीं।

श्रवण कुमार के वध और दशरथ के श्राप के मार्मिक मंचन से भावुक हुए दर्शक

श्रवण कुमार के वध और दशरथ के श्राप के मार्मिक मंचन से भावुक हुए दर्शक
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के गांधी प्याऊ पर चल रही रामलीला में रविवार को श्रवण कुमार वध के मर्मस्पर्शी प्रसंग का मंचन किया गया। माता-पिता के प्रति अगाध भक्ति और राजा दशरथ के हाथों हुई अनजाने भूल की इस कथा ने पंडाल में बैठे हर दर्शक की आंखें नम कर दीं।
मंचन के दौरान दिखाया गया कि किस प्रकार आज्ञाकारी श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता की प्यास बुझाने के लिए नदी से जल लेने गए थे। इसी दौरान राजा दशरथ ने जल भरने की आवाज को किसी वन्यजीव की आहट समझकर शब्दभेदी बाण चला दिया। बाण लगने से घायल श्रवण कुमार आहत होकर गिर पड़े। अपनी भूल का आभास होने पर राजा दशरथ व्यथित हो उठे। वहीं, अपने इकलौते पुत्र की मृत्यु का समाचार पाकर श्रवण कुमार के माता-पिता ने विलाप करते हुए दशरथ को श्राप दिया कि जिस प्रकार वे पुत्र वियोग में तड़प रहे हैं, वैसा ही दुख राजा दशरथ को भी अपने पुत्र के वियोग में सहना पड़ेगा। मार्मिक दृश्यों के बीच दशरथ दुखी मन से अंतिम संस्कार कर अयोध्या लौटे। इस सफल और सजीव मंचन में प्रधान दीपक शर्मा, नेतराम रुहेला, तरुण गुप्ता, अनुज शर्मा, सुरेंद्र भैया, पुनीत शर्मा, मुकेश शर्मा, संदीप यादव, हेमंत चंदेला, अनुराग, हरिओम, राजा राजपूत, विजय रुहेला, पुष्पेंद्र कुमार, जयंत, सचिन रुहेला, संदीप शर्मा, मुकेश गौड़, सनी गुप्ता, अरुण धामा, प्रवेश शर्मा, नवाब धामा, गौरव वर्मा, वरुण वर्मा, रोहित वर्मा और नरेश शर्मा सहित समस्त कलाकारों एवं सेवादारों का विशेष सहयोग रहा।