खेकड़ा में मातम: पत्नी और बेटी के बाद व्यापारी अंकुर जैन ने भी दम तोड़ा, उजड़ गया पूरा परिवार
खेकड़ा मुख्य बाजार के भीषण अग्निकांड में अपनी पत्नी और मासूम बेटी को खोने वाले व्यापारी अंकुर जैन ने आज सुबह करीब 3 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे कई दिनों से वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। उनके निधन के साथ ही एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया।
खेकड़ा में मातम: पत्नी और बेटी के बाद व्यापारी अंकुर जैन ने भी दम तोड़ा, उजड़ गया पूरा परिवार
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
मुख्य बाजार के भीषण अग्निकांड में अपनी पत्नी और मासूम बेटी को खोने वाले व्यापारी अंकुर जैन ने आज सुबह करीब 3 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे कई दिनों से वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। उनके निधन के साथ ही एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया।
परिवार को बचाने के लिए आग में कूद पड़े थे
कस्बे के मुख्य बाजार में शॉर्ट सर्किट के बाद सिलेंडर फटने से भीषण आग भड़क उठी थी। बताया जाता है कि जलती लपटों के बीच अंकुर जैन ने अपनी जान की परवाह किए बिना छलांग लगा दी। वे अपने जीने पर लगे लोहे के सेफ्टी जाल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, ताकि पत्नी स्वाति जैन और 6 वर्षीय बेटी अनन्या को बाहर निकाल सकें। इसी प्रयास में वे आग की सीधी चपेट में आ गए और करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गए। फेफड़ों में जहरीला धुआं भर जाने और शरीर का बड़ा हिस्सा जल जाने से उनकी हालत गंभीर बनी रही। सफदरजंग अस्पताल के ICU में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी निगरानी करती रही, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पत्नी और बेटी पहले ही दुनिया छोड़ चुकी थीं
हादसे में स्वाति जैन और अनन्या की पहले ही मौत हो चुकी थी। अब अंकुर के जाने से परिवार के तीन सदस्य एक ही त्रासदी की भेंट चढ़ गए। घर में अब सिर्फ दो बुजुर्ग माता-पिता, पुष्पा जैन और विनय जैन, तथा एक छोटा बेटा बचा है, जिनके कंधों पर यह असहनीय दुख टूट पड़ा है। जवान बेटे, बहू और पोती की चिताओं को देखना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ा आघात है।
बाजार बंद, हर आंख नम
अंकुर जैन के निधन की खबर फैलते ही पूरे खेकड़ा में शोक की लहर दौड़ गई। सम्मान और संवेदना में आज बाजार पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि अपने परिवार को बचाने के लिए आग में कूदने वाले इस पिता की बहादुरी और ममता को कस्बा हमेशा याद रखेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक और सामाजिक सहायता दी जाए तथा बाजार में अग्नि-सुरक्षा इंतजामों की जांच कराई जाए, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

