प्रताप विहार में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ रहे श्रद्धालु पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद नंदगांव में उत्सव, पूतना वध समेत बाल लीलाओं का वर्णन
कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद नंदगांव में मनाए गए उत्सव का मनोहारी वर्णन किया गया। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के अंतर्गत पूतना वध, शकटासुर वध और तृणावर्त असुर के वध का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक ने इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
तेजस न्यूज संवाददाता

प्रताप विहार में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ रहे श्रद्धालु
पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद नंदगांव में उत्सव, पूतना वध समेत बाल लीलाओं का वर्णन

गाजियाबाद। प्रताप विहार सेक्टर-11 के जी ब्लॉक सिंगल स्टोरी स्थित पार्क नंबर-3 में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में किया जा रहा है। सेवा से सेवानिवृत्त सुंदरलाल भाटी के निवेदन पर क्षेत्रवासियों के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। कथा के प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे पार्क परिसर भक्तिमय वातावरण में नजर आ रहा है।

चित्रकूट धाम से पधारे धर्मदूत पंडित अभिषेक शास्त्री अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के दौरान पंडित अभिषेक शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों को सरल एवं भावपूर्ण तरीके से श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं।

कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद नंदगांव में मनाए गए उत्सव का मनोहारी वर्णन किया गया। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के अंतर्गत पूतना वध, शकटासुर वध और तृणावर्त असुर के वध का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक ने इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।

पंडित अभिषेक शास्त्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा को भव्य एवं व्यवस्थित रूप देने में क्षेत्र के श्रद्धालुओं का निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जी-110 में रहने वाले भक्त शैलेंद्र भारद्वाज ने कथा आयोजन के लिए 11 हजार रुपये का अनुदान दिया है। इसके अलावा अन्य भक्त भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न प्रकार का सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी है। कथा श्रवण से मनुष्य को जीवन में सदाचार, भक्ति, सेवा और संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

कथा का आयोजन करने वाली पूरी टीम चित्रकूट धाम से पधारी है। आयोजकों की ओर से क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने का आह्वान किया गया है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं क्षेत्रवासियों के सहयोग से की जा रही हैं।
