तीन फीट की अनुमति, छह फीट तक खोद डाली मिट्टी

रावण उर्फ बड़ागांव और मुबारिकपुर क्षेत्र में मिट्टी के कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के कट निर्माण के नाम पर निर्धारित सीमा से दोगुनी गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जा रही है। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर खनन तत्काल बंद कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

तीन फीट की अनुमति, छह फीट तक खोद डाली मिट्टी

तीन फीट की अनुमति, छह फीट तक खोद डाली मिट्टी
- प्रशासनिक अनदेखी से बेखौफ खनन, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई कार्रवाई की गुहार
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
रावण उर्फ बड़ागांव और मुबारिकपुर क्षेत्र में मिट्टी के कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के कट निर्माण के नाम पर निर्धारित सीमा से दोगुनी गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जा रही है। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर खनन तत्काल बंद कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार, जुलाई 2026 में भी क्षेत्र में नियम विरुद्ध मिट्टी खनन की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद प्रशासन ने खनन रुकवा दिया था। आरोप है कि 23 सितंबर से दोबारा जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई शुरू कर दी गई। किसानों का कहना है कि उन्हें अधिकारियों की ओर से केवल तीन फीट तक खनन की अनुमति होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर छह फीट से भी अधिक गहराई तक मिट्टी खोदी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गहरी खुदाई के कारण आसपास के कृषि खेतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उनका आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से वे तहसील और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद खनन बंद नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मौके की जांच कराकर निर्धारित सीमा से अधिक हुई खुदाई की पैमाइश कराने, खनन तत्काल बंद कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।