कृषि आजीविका सखियों को सिखाए जैविक खेती के गुर
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि आजीविका सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंगलवार को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरआईआईडी के तत्वावधान में बड़ौत ब्लॉक की कृषि सखियों को खेकड़ा स्थित नेचुरल कृषि फार्म पर जैविक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई।
कृषि आजीविका सखियों को सिखाए जैविक खेती के गुर
- प्रशिक्षण के बाद गांवों में किसानों को उन्नत खेती के प्रति करेंगी जागरूक
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि आजीविका सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंगलवार को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरआईआईडी के तत्वावधान में बड़ौत ब्लॉक की कृषि सखियों को खेकड़ा स्थित नेचुरल कृषि फार्म पर जैविक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक रुस्तम सिंह और ज्योति ने बताया कि योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को कृषि आजीविका सखी के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को प्रशिक्षित कृषि कार्यकर्ता बनाकर गांवों में किसानों तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाना है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मिट्टी की जांच, कीट प्रबंधन और जल संरक्षण की तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। प्रशिक्षक कृष्णपाल सिंह डौला ने जैविक खेती के लाभ बताते हुए रासायनिक खेती के बेहतर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने कृषि सखियों को नेट हाउस, ग्रीन हाउस, वर्मी कम्पोस्ट, जैविक कीटनाशक और मृदा संरक्षण की तकनीकों से भी परिचित कराया। साथ ही टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण और परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कृषि सखियां गांवों में किसानों को वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती के तरीके सिखाएंगी। इससे खेती की लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान मीनाक्षी, चंचल, मधुलिका, प्रियंका, अनुराधा, पूनम, पूजा, सोनम, लक्ष्मी, अंजु और मंजु सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।